नमस्ते दोस्तों,आज हम बात करेंगे IAeSCM के बारे में,जो बिहार में PDS को मजबूत बनाने वाला एक स्मार्ट सिस्टम है।यह Integrated Aadhaar Enabled Supply Chain Management है,जो आधार से जुड़कर Supply Chain को ट्रैक करता है।बिहार सरकार का यह पोर्टल scm.bihar.gov.in पर चलता है और राशन की पूरी चेन को पारदर्शी बनाता है।नीचे 15 हेडिंग्स में हम इसे कवर करेंगे।सब कुछ सरल हिंदी में,कुछ English टर्म्स के साथ,ताकि आसानी से समझ आए।

IAeSCM क्या है?
यह बिहार के Food and Civil Supplies Department का एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो Aadhaar से इंटीग्रेटेड Supply Chain Management करता है।PDS में अनाज की खरीद से वितरण तक सब कुछ ट्रैक होता है।2010 के बाद से AePDS के साथ यह और मजबूत हुआ।मुख्य लक्ष्य है भ्रष्टाचार रोकना और सही लाभार्थियों तक राशन पहुंचाना।scm.bihar.gov.in पर जाकर SIO Status चेक कर सकते हैं।यह सिस्टम Nagaland और Maharashtra जैसे राज्यों में भी लागू हो रहा है।
IAeSCM की शुरुआत 2013 में बिहार में हुई,जब NFSA लागू हुआ।AePDS के तहत आधार को जोड़ा गया।धीरे-धीरे यह Supply Chain के हर स्टेज पर फैला।2020 में COVID के दौरान PMGKAY स्कीम के लिए इसे अपग्रेड किया गया।अब यह रीयल-टाइम डेटा शेयर करता है।सरकार का लक्ष्य था कि हर Depot और FPS को डिजिटल कनेक्ट करें।
IAeSCM के मुख्य घटक
Aadhaar आधारित पहचान प्रणाली
- लाभार्थियों की सटीक पहचान के लिए Aadhaar और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का उपयोग।
केंद्रीय और राज्य स्तरीय डेटाबेस
- सभी लाभार्थियों और आपूर्ति श्रृंखला डेटा का केंद्रीकृत भंडारण।
आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन सॉफ़्टवेयर
- स्टॉक ट्रैकिंग, वितरण योजना, और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म।
बायोमेट्रिक उपकरण और रीडर
- फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैनर जो लाभार्थियों की पहचान में मदद करता है।
डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क (Supply Chain Network)
- गोदाम, डिपो, रिटेल आउटलेट और पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) की संरचना।
मोबाइल और वेब एप्लिकेशन
- स्टॉक की स्थिति और वितरण की जानकारी को रीयल-टाइम अपडेट करने के लिए।
सेंसर और IoT डिवाइस
- वस्तुओं के ट्रैकिंग और निगरानी के लिए तापमान, लोकेशन और गुणवत्ता सेंसर।
डेटा एनालिटिक्स और रिपोर्टिंग टूल
- वितरण की दक्षता और संभावित रिस्क का मूल्यांकन करने के लिए।
सुरक्षा और गोपनीयता उपाय
- Aadhaar डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एन्क्रिप्शन और प्रमाणीकरण।
समन्वय तंत्र (Coordination Mechanism)
केंद्र सरकार, राज्य सरकार, डीलर और लाभार्थियों के बीच सुचारू संचालन।
How Aadhaar Integration Works
1. Beneficiary Identification
- Every beneficiary (e.g., ration card holder, pension recipient) is linked to their Aadhaar number.
- Biometric details such as fingerprint or iris scan are stored and verified against the UIDAI database.
2. Enrollment of Beneficiaries
- Beneficiaries are enrolled in the system through state/central government portals.
- Aadhaar ensures that only eligible individuals are added to the supply chain database.
3. Goods and Services Mapping
- Each product or service (e.g., rice, kerosene, LPG) is linked to the beneficiary’s Aadhaar.
- The system calculates entitlement based on eligibility criteria (family size, income level, scheme rules).
4. Distribution Points Integration
- Ration shops, depots, or service centers are equipped with biometric devices and software.
- Before issuing goods, the system authenticates the beneficiary through Aadhaar verification.
5. Real-time Tracking
- Every transaction is logged in real-time, including time, location, quantity, and beneficiary details.
- Helps reduce duplication, leakage, and fraud in distribution.
6. Data Analytics and Reporting
- Centralized dashboards collect data across all distribution points.
- Governments and agencies can monitor supply chain efficiency, identify bottlenecks, and plan resources better.
7. Feedback and Grievance Redressal
- Aadhaar integration enables traceability of complaints, making it easier to resolve issues for beneficiaries.
Stages of Supply Chain in IAeSCM
आवश्यकता का अनुमान (Demand Forecasting)
- लाभार्थियों की जरूरतों और ऐतिहासिक डेटा के आधार पर माल की मांग का अनुमान।
- उदाहरण: राशन वितरण में परिवार के आकार के हिसाब से चावल और गेहूँ का अनुमान।
स्रोत और आपूर्ति चयन (Procurement / Sourcing)
- आवश्यक वस्तुओं की खरीद, जैसे खाद्यान्न, तेल, गैस सिलेंडर।
- गुणवत्ता और लागत पर ध्यान।
गोदाम और भंडारण (Warehousing & Storage)
- माल को सुरक्षित स्थानों में संग्रहित करना।
- तापमान और सुरक्षा मानकों का पालन।
इन्वेंट्री प्रबंधन (Inventory Management)
- स्टॉक का रियल-टाइम ट्रैकिंग और रिकॉर्ड अपडेट।
- IAeSCM में बायोमेट्रिक और डिजिटल लॉग का उपयोग।
पैकिंग और लेबलिंग (Packaging & Labeling)
- लाभार्थी और वितरण केंद्र के हिसाब से वस्तुओं को पैक करना।
- आवश्यक जानकारी जैसे मात्रा, वितरण दिनांक आदि।
वितरण योजना (Distribution Planning)
- वितरण के लिए मार्ग और समय का निर्धारण।
- प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और लाभार्थियों पर फोकस।
वितरण (Delivery / Distribution)
- राशन दुकानों या वितरण केंद्रों पर वस्तुओं का वितरण।
- Aadhaar आधारित प्रमाणीकरण के बाद ही वितरण।
लाभार्थी प्रमाणीकरण (Beneficiary Authentication)
- फिंगरप्रिंट, आईरिस या OTP के माध्यम से लाभार्थी की पहचान।
- सुनिश्चित करता है कि सही व्यक्ति को ही लाभ मिले।
रियल-टाइम मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग (Monitoring & Tracking)
- हर लेन-देन और वितरण की डिजिटल रिकॉर्डिंग।
- गोपनीयता और सुरक्षा के साथ स्टॉक की निगरानी।
फीडबैक और सुधार (Feedback & Improvement)
- वितरण के बाद लाभार्थियों से प्रतिक्रिया और शिकायतों का समाधान।
- सिस्टम को और अधिक कुशल बनाने के लिए डेटा का विश्लेषण।
Using SCM Bihar Portal
लाभार्थियों का पंजीकरण (Beneficiary Registration)
- राशन कार्डधारक, पीडीएस लाभार्थी और अन्य पात्र व्यक्तियों की जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाती है।
स्टॉक और इन्वेंट्री की मॉनिटरिंग (Stock & Inventory Management)
- गेहूँ, चावल, चीनी, तेल जैसे स्टॉक का वास्तविक समय में ट्रैकिंग।
- गोदाम और वितरण केंद्रों में स्टॉक का डेटा अपलोड और अपडेट करना।
डिस्ट्रीब्यूशन योजना (Distribution Planning)
- राशन दुकानों और अन्य वितरण केंद्रों के लिए वस्तुओं का आवंटन।
- प्रत्येक केंद्र के स्टॉक स्तर और आवश्यकताओं के आधार पर योजना।
लाभार्थी प्रमाणीकरण (Beneficiary Authentication)
- वितरण से पहले Aadhaar या OTP के माध्यम से लाभार्थी की पहचान।
- यह सुनिश्चित करता है कि वस्तुएं सही व्यक्ति तक पहुंचे।
रियल-टाइम रिपोर्टिंग और डेटा एनालिटिक्स (Real-Time Reporting & Analytics)
- वितरण, स्टॉक और लाभार्थियों की जानकारी पर रिपोर्ट।
- प्रशासनिक निर्णय और आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता बढ़ाने में मदद।
शिकायत और फीडबैक (Grievance & Feedback Redressal)
- लाभार्थी किसी भी समस्या या शिकायत को पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं।
- शिकायतों का समाधान और फीडबैक की निगरानी।
पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम (PDS) ट्रैकिंग
- राशन दुकानों पर वितरण की पारदर्शिता।
- आउटलेट स्तर पर माल की स्थिति की जानकारी।
सरकारी योजना का एकीकरण (Integration with Government Schemes)
- NFSA, pensions, subsidies जैसी योजनाओं के डेटा का एकीकृत प्रबंधन।
SIO Generation and Status Check
- लॉगिन करें
- SCM पोर्टल (जैसे SCM Bihar) पर सरकारी अधिकारी/डिस्ट्रीब्यूटर के लिए लॉगिन।
- वितरण केंद्र और लाभार्थी का चयन करें
- जिस PDS दुकान या केंद्र पर वस्तु वितरित करनी है।
- लाभार्थियों की सूची और उनकी पात्रता देखें।
- वस्तु और मात्रा चुनें
- गेहूँ, चावल, तेल आदि की मात्रा दर्ज करें।
- योजना और स्टॉक के आधार पर वितरण तय करें।
- SIO जेनरेट करें
- “Generate SIO” बटन दबाकर आधिकारिक आदेश बनाएं।
- SIO एक यूनिक SIO नंबर के साथ बनता है।
- प्रिंट/डाउनलोड करें (Optional)
- भविष्य के रिकॉर्ड और वितरण प्रमाण के लिए PDF या प्रिंट आउट लिया जा सकता है।
SIO Status Check (SIO का स्टेटस कैसे देखें)
- SCM पोर्टल में लॉगिन करें
- अधिकारी या लाभार्थी अपनी क्रेडेंशियल से लॉगिन करें।
- SIO Status Section में जाएं
- “SIO Status” या “Track SIO” टैब पर क्लिक करें।
- SIO नंबर दर्ज करें
- पहले से जेनरेट किए गए यूनिक SIO नंबर को इनपुट करें।
- Status देखें
- स्टेटस दर्शाता है कि SIO Generated, Dispatched, In Transit, Delivered या किसी अन्य स्थिति में है।
- Download/Print Status (Optional)
- जरूरत पड़ने पर स्टेटस रिपोर्ट को डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।
अन्य राज्यों में IAeSCM
1. तेलंगाना (Telangana)
- Meeseva और Rythu Bandhu योजनाओं में Aadhaar आधारित प्रमाणीकरण।
- राशन वितरण में biometric verification के माध्यम से लाभार्थियों को वस्तु मिलती है।
- Real-time stock tracking और स्टोर स्तर पर रिपोर्टिंग।
2. आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh)
- AP के PDS में Aadhaar-enabled biometric authentication लागू।
- लाभार्थियों के खाते से सीधे उनके अधिकारों के अनुसार राशन जारी।
- Leakage और फर्जी लाभार्थियों को रोकने में मदद।
3. तमिलनाडु (Tamil Nadu)
- राशन वितरण और सरकारी स्कीमों में Digital Supply Chain का उपयोग।
- Aadhaar आधारित लॉगिन और प्रमाणीकरण।
- Stock visibility dashboards राज्य सरकार को पूरी आपूर्ति श्रृंखला दिखाते हैं।
4. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)
- NFSA और MGNREGA जैसे योजनाओं में IAeSCM मॉडल।
- Distribution centers में biometric devices से लाभार्थियों की पहचान।
- Data analytics के जरिए delivery efficiency बढ़ाना।
5. गुजरात (Gujarat)
- State-wide PDS में Aadhaar linked distribution।
- Warehouse और Depot में real-time stock monitoring।
- Fraud detection और complaint redressal में IAeSCM मददगार।
Conclusion
दोस्तों,IAeSCM बिहार की Supply Chain को रेवोल्यूशनाइज कर रहा है।यह न सिर्फ राशन पहुंचाता है बल्कि भविष्य की डिजिटल इंडिया को मजबूत करता है।अगर आपका SIO चेक करना है तो scm.bihar.gov.in विजिट करें।सरकारी योजनाओं का फायदा उठाएं।धन्यवाद!